छपरा, मार्च 9 -- जलालपुर, एक प्रतिनिधि। प्रखंड के मंगोलापुर शिव मंदिर में आयोजित मारुति महायज्ञ सह रामकथा में अयोध्या से पधारे कथावाचक राधेश्याम शास्त्री जी महाराज ने शनिवार की रात कहा कि मरने के बाद मनुष्य का सत्कर्म और धर्म ही उसके साथ जाता है। माता, पिता, पत्नी, भाई, बंधु, पुत्र और सगे संबंधी ज्यादा से ज्यादा श्मशान घाट तक जाते हैं। लेकिन मनुष्य का धर्म और सत्कर्म सदैव उसके साथ जाता है। सत्कर्म और धर्म करने वाला व्यक्ति मर कर भी अमर रहता है। क्योंकि उसकी मृत्यु पर सारे लोग अफसोस करते हैं और कहते हैं कि अमुक आदमी बड़ा सत्कर्मी और धर्मात्मा था। यह कीर्ति उसे युगों युगों तक जिंदा रखती है और लोग उसे आदर्श के रूप में स्वीकार करते हैं। अत: विपरीत परिस्थिति में भी मनुष्य को अपना धैर्य, सत्कर्म और धर्म नहीं छोड़ना चाहिए। मौके पर यज्ञ के संयोजक...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.