घाटशिला, दिसम्बर 27 -- धालभूमगढ़, संवाददाता। नरसिंहगढ़ में चल रहे सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के द्वितीय दिवस पर पंडित विजय जी ने श्रोताओं को सुकदेव एवं परीक्षित जी के जन्म की कथा सुनाई। कथावाचक ने कहा श्रीमद् भागवत कथा स्थल पर माली लोग ही उपस्थित होते हैं, जो लोग माली बनकर इसका रसपान करते हैं, वही लोग ऐसे आयोजन में उपस्थित होकर भगवान के शरण में ध्यान लगाते हैं। कलयुग में मनुष्य माया से ग्रसित हैं, इसलिए मनुष्य की पीड़ा का निदान, प्राणी मात्र का कल्याण और शास्त्रों का सार श्रीमद् भागवत कथा यज्ञ ही है। उन्होंने सुकदेव जी के जन्म के संबंध में बताते हुए कहा एक बार माता पार्वती शिवजी से अमृत का ज्ञान बताने का आग्रह कर रही थी। काफी विनती के बाद शिव जी ने सोचा अमृत का ज्ञान फैल न जाए, इसलिए माता पार्वती को लेकर एक निर्जन गुफा में एकांत में चले...
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