नई दिल्ली, फरवरी 7 -- यहां की एक विशेष अदालत ने शनिवार को प्रीमियर पोर्ट लिंक्स प्राइवेट लिमिटेड को मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में बरी करने से इनकार कर दिया। कंपनी कथित तौर पर महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री अनिल देशमुख के परिवार द्वारा नियंत्रित है। अदालत ने फैसला सुनाया कि कंपनी के खिलाफ प्रथम दृष्टया पुख्ता सबूत हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आरोप लगाया कि कंपनी ने अपराध की आय को लॉन्ड्रिंग करने के साधन के रूप में काम किया। एनसीपी (एसपी) नेता अनिल देशमुख के बेटे सलिल देशमुख द्वारा प्रबंधित फर्म ने यह दावा करते हुए बरी करने की मांग की थी कि उसे झूठा फंसाया गया है। विशेष जज ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने कंपनी के खिलाफ आरोप तय करने के लिए प्रथम दृष्टया एक मजबूत मामला बनाया है। ईडी का यह मामला राज्य के गृहमंत्री के रूप में काम करते हुए, देशमुख ने ...