ललितपुर, फरवरी 22 -- ललितपुर। कर्नाटका में बंधक बनाए गए मड़ावरा ब्लाक स्थित पापड़ा और सोल्दा गांव के सहरिया आदिवासियों को छुड़ाने के बाद डीएम सत्य प्रकाश ने इनको गांव में ही पर्याप्त काम दिलाने का निर्णय लिया। भैंस पालन के जरिए दुग्ध उत्पादन और मनरेगा से मजदूरी देकर इनकी आय में इजाफे की रणनीति पर जल्द ही काम शुरू किया जाएगा। अनुसूचित जनजाति में आने वाले सहरिया आदिवासी जनपद के ग्रामीण इलाकों में निवास करते हैं। जंगलों के आस पास गांवों में इनकी संख्या अधिक है। यह समाज की मुख्यधारा से अलग थलग होकर जीवन व्यतीत करते हैं। पढ़ाई लिखाई से इनका अधिक मतलब नहीं रहता है। इनकी आजीविका वनोपज पर निर्भर रहती है। इसके अलावा यह लोग बड़े शहरों और अन्य प्रदेशों में जाकर मेहनत मजदूरी भी करते हैं। बीते माहों में मड़ावरा के सोल्दा और पापड़ा गांव में रहने वाले सहरिया आ...
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