एटा, फरवरी 9 -- मनरेगा श्रमिकों की ई-केवाईसी प्रक्रिया की धीमी प्रगति पर सीडीओ ने कड़ा रुख अपनाते हुए जिले के सभी आठ ब्लॉकों के खंड विकास अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। जिले में मनरेगा के तहत पंजीकृत कुल 93 हजार श्रमिकों में से अब तक केवल 49 हजार श्रमिकों की ई-केवाईसी हो सकी है। शेष 44 हजार श्रमिक अभी भी इस प्रक्रिया से बाहर हैं। शासन से मिले आंकड़ों की तुलना में एटा राज्य के औसत से भी पीछे चल रहा है। नई व्यवस्था के तहत अब श्रमिकों की हाजिरी तभी लग पाएगी, जब उनका आधार कार्ड के माध्यम से चेहरा प्रमाणीकरण पूरा हो जाएगा। इस प्रक्रिया के बिना भविष्य में श्रमिकों को काम मिलने और मानदेय भुगतान में तकनीकी बाधाएं आ सकती हैं। ग्राम पंचायत स्तर पर ई-केवाईसी की जिम्मेदारी रोजगार सेवकों और तकनीकी सहायकों को सौंपी गई है। सी...