जमशेदपुर, दिसम्बर 22 -- जमशेदपुर। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) में बदलावों का भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) एवं भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने विरोध किया है। इधर, भाकपा एवं माकपा द्वारा बिरसा चौक (साकची) में एक संयुक्त विरोध प्रदर्शन कार्यक्रम के तहत नुक्कड़ सभा एवं केंद्र सरकार का पुतला दहन किया गया। वाम दलों ने कहा कि, केंद्र सरकार ने मनरेगा के बुनियादी चरित्र को बदलने का एक गलत प्रयास किया है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के जिला सचिव अंबुज कुमार ठाकुर ने बताया कि, मनरेगा एक सार्वभौमिक और काम करने का सीमित अधिकार देने वाला कानून था, जिसे वामपंथी दलों की पहल के कारण यूपीए सरकार के 'साझा न्यूनतम कार्यक्रम' के तहत 2005 में लागू किया गया था।
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