मैनपुरी, जनवरी 4 -- मनरेगा का नाम बदलने और नए कानून में काम की गारंटी कमजोर होने के खिलाफ कांग्रेस अभियान चलाएगी। कांग्रेस ने मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान शुरू करने का फैसला किया है। यह अभियान 8 जनवरी से शुरू होगा और 15 फरवरी तक चलेगा। इस संबंध में मैनपुरी के कांग्रेसियों को आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की ओर से कहा गया है कि मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाना श्रम कानून का अपमान करना है। 2005 में मनरेगा लागू करते समय केंद्र सरकार ने अनिवार्य मजदूरी की व्यवस्था की थी। तय किया था कि पंजीकृत मनरेगा श्रमिक को सरकार 15 दिन के अंदर रोजगार उपलब्ध कराएगी। अगर ऐसा नहीं हो पता है तो श्रमिक को बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। केंद्र सरकार ने नए कानून में केंद्र का अंशदान 90 प्रतिशत से घटाकर 60 प्रतिशत कर दिया है। इससे राज...