कोडरमा, अगस्त 27 -- कोडरमा, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। जिले में ग्रामीण विकास और मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने वाली केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी मनरेगा योजना इन दिनों फंड की कमी से जूझ रही है। स्थिति यह है कि योजनाओं का संचालन प्रभावित हो रहा है और मजदूरों को समय पर भुगतान भी नहीं हो पा रहा है। सूत्रों के अनुसार, जिले में मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों में मेटेरियल मद का लगभग 22 करोड़ रुपये बकाया है। वहीं मजदूरी मद में करीब 50 लाख रुपये का भुगतान लंबित है। फंड के अभाव में लोग योजना के तहत काम करने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। बताया जा रहा है कि मेटेरियल मद का भुगतान पिछले दो साल से लंबित है। जिले में इस वित्तीय वर्ष में 22 लाख मानव दिवस सृजन का लक्ष्य निर्धारित है, जिसमें अब तक 12.83 लाख मानव दिवस सृजित किए गए हैं। यह लक्ष्य का मात्र 57 प्रति...
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