बलिया, अप्रैल 19 -- रानीगंज, हिन्दुस्तान संवाद। मजदूरों का पलायन रोकने और स्थानीय तौर पर रोजगार उपलब्ध कराने की सरकार की कोशिशों पर पानी फिरता नजर आ रहा है। मनरेगा से मजदूरों को रोजगार देने के दावे पर भी सवाल उठने लगे हैं। मजदूरों को काम तो मिला ही, करीब पांच महीने से मजदूरी भी नहीं मिली है। इससे उनके समक्ष रोजी-रोटी का संकट उत्पन्न हो गया है। बच्चों की परवरिश भी मुश्किल हो गयी है। मजदूरी का पैसा नहीं मिलने मजदूर काम में रुचि नहीं ले रहे हैं। इसके चलते सक्रिय मजदूरों की संख्या भी घटने लगी है। बैरिया ब्लाक में 15 नवंबर 2024 से ही मनरेगा मजदूरों का मजदूरी भुगतान बकाया है। विकास खंड के 30 ग्राम पंचायत के करीब 12 हजार मनरेगा श्रमिक पंजीकृत हैं। इनमें से चार हजार तीन सौ सक्रिय श्रमिक हैं, जो लगातार विभिन्न योजनाओं के तहत कराए जा रहे मनरेगा कार...
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