गंगापार, फरवरी 15 -- मनरेगा बचाओ जनचौपाल जन अधिकार यात्रा के चौथे दिन नेवादा, ब्यूर, माधोपुर, दुसौती और समोधीपुर गांवों में जनचौपाल का आयोजन किया गया। इन गांवों में आयोजित चौपालों में युवाओं, किसानों, मजदूरों और महिलाओं ने भाग लेकर मनरेगा के समर्थन और मजदूर अधिकारों की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। चौपाल का आयोजन डॉ भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के समीप किया गया, जहां मनरेगा कर्मियों, ग्रामीण किसानों, मजदूरों और महिलाओं की उपस्थिति रही। वक्ताओं ने कहा कि महात्मा गांधी देश के शोषित, वंचित, गरीब, मजदूर और किसान वर्ग के अधिकारों के सबसे बड़े प्रतीक थे। उनके विचारों के अनुरूप बनी मनरेगा जैसी ऐतिहासिक और अधिकार आधारित योजना को वर्तमान नीतियों के माध्यम से कमजोर किया जा रहा है, जिससे मजदूरों और ग्रामीण गरीबों के जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.