नई दिल्ली, जनवरी 30 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। कांग्रेस ने आर्थिक सर्वेक्षण में सूचना के अधिकार कानून की समीक्षा करने के सुझाव को लेकर केंद्र सरकार को घेरा है। पार्टी का आरोप है कि सरकार आरटीआई को पहले ही कमजोर कर चुकी है। क्या मनरेगा के बाद अब आरटीआई की बारी है? पार्टी अध्यक्ष मल्लिकारर्जुन खरगे ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण ने आरटीआई कानून की फिर से जांच करने की बात की है। सर्वेक्षण ने जानकारी रोकने के लिए संभावित मंत्रिस्तरीय वीटो का भी सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार नौकरशाहों के पब्लिक सर्विस रिकॉर्ड, ट्रांसफर और स्टाफ रिपोर्ट को जनता की जांच से बचाने की संभावना तलाश कर रही है। हालांकि केंद्र सरकार आरटीआई को पहले ही व्यवस्थित ढंग से कमजोर कर चुकी है। मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि वर्ष 2025 तक आरटीआई के 26 हजार से...