बदायूं, जनवरी 11 -- बदायूं। कांग्रेसी मनरेगा का नाम बदलने का विरोध कर रहे हैं। कांग्रेसियों का कहना है कि मोदी सरकार ने मनरेगा को खत्म कर काम के कानूनी अधिकार को खत्म किया है। मोदी सरकार का यह कदम मजदूर विरोधी है, जो योजना मनरेगा की जगह बनाई गई है उसमें राज्यों पर 40 फीसदी बोझ डालकर योजना को समाप्त करने की साजिश की है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष अजीत यादव ने शनिवार को नेकपुर स्थित जिला कांग्रेस कार्यालय पर पत्रकार वार्ता की। इस दौरान उन्होंने कहा कि काम के अधिकार की रक्षा एवं मनरेगा बचाने को 11 जनवरी रविवार के लिए आंबेडकर पार्क में उपवास किया जायेगा। जिलाध्यक्ष ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा महात्मा गांधी के नाम को हटाया जाना श्रम की गरिमा और ग्राम स्वराज के उन मूल्यों को कमजोर करने का प्रयास है जिन पर मनरेगा आधारित है। कांग्रेस मजदूरों के काम के अ...