अररिया, दिसम्बर 17 -- अररिया, निज संवाददाता जन जागरण शक्ति संगठन और नरेगा संघर्ष मोर्चा ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी अधिनियम, 2005 को निरस्त करने के प्रयास पर पुरजोर विरोध जताया है।इसके साथ ही कहा है कि प्रस्तावित विकसित भारत-रोज़गार और आजीविका की गारंटी मिशन ग्रामीण विधेयक, 2025 जो मज़दूरों और मज़दूर संगठनों से किसी भी प्रकार के परामर्श के बिना बना एक बिल लाना रोज़गार गारंटी समाप्त करने का एक शातिर तरीका है।सरकार ने इस नए बिल के माध्यम से एक अधिकार- आधारित क़ानून से एक ऐसे बजट सीमित कार्यक्रम की वकालत की है इसमें केंद्र सरकार की कोई जवाबदेही नहीं है। मांग-आधारित से आपूर्ति- आधारित प्रणाली की ओर: जन जागरण शक्ति संगठन के आशीष रंजन ने कहा कि मनरेगा की ताकत इसकी मांग-आधारित प्रकृति से आती है। यानी हर ग्रामीण मज़दूर को 15 ...
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