नैनीताल, मई 1 -- नैनीताल, संवाददाता। हाईकोर्ट ने देहरादून के चकराता में ग्राम प्रधान व अन्य अधिकारियों की मिलीभगत से मनरेगा के कार्यों को श्रमिकों से न कराकर जेसीबी और अन्य मशीनों से करने के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर गुरुवार को सुनवाई की। मुख्य न्यायाधीश जी नरेंदर व न्यायमूर्ति आलोक कुमार मेहरा की खंडपीठ ने राज्य सरकार को मामले की जांच कर रिपोर्ट दो हफ्ते में पेश करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने एसएचओ चकराता से कहा है कि यदि याचिकाकर्ता को जानमाल का खतरा उत्पन्न होता है, तो उसकी सुरक्षा का ख्याल भी रखा जाए। कोर्ट ने ग्राम प्रधान को भी नोटिस जारी कर जवाब पेश करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 19 मई को होगी। मामले के अनुसार, चकराता निवासी राजेंद्र सिंह चौहान ने जनहित याचिका दायर कर कहा है कि केंद्र सरकार ने मनरेगा के तहत ग्रामीणों को रो...
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