प्रयागराज, फरवरी 20 -- इलाहाबाद हाई्रकोर्ट ने पुलिस और साइबर सेल की ओर से बैंक खातों को मनमाने ढंग से फ्रीज किए जाने की बढ़ती घटनाओं पर कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने कहा है कि ऐसी कार्रवाई केवल विधि द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही की जा सकती है। न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की पीठ तारकेश्वर तिवारी बनाम उत्तर प्रदेश राज्य समेत कई याचिकाओं की सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की। याचिकाओं में कहा गया कि खाताधारकों ने बिना पर्याप्त सूचना के खाते फ्रीज किए जा रहे हैं। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि कई बैंक केवल पुलिस या साइबर सेल के पत्र के आधार पर तुरंत खाते फ्रीज कर देते हैं और बाद में खाताधारकों को न तो कारण बताते हैं और न ही आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराते हैं। अदालत ने इसे बैंकिंग व्यवस्था में पारदर्शिता और भरोसे के ...