उन्नाव, दिसम्बर 17 -- उन्नाव, संवाददाता। जिले की सड़कें अब सिर्फ वाहन नहीं, बल्कि मनमानी और लापरवाही का मैदान बन चुकी हैं। दुर्घटनाओं को रोकने और सुगम यातायात सुनिश्चित करने के तमाम बड़े-बड़े निर्णय कागजों तक ही सिमट कर रह गए हैं। आम जनता को सड़क पर रोज़मर्रा की जद्दोजहद झेलनी पड़ रही है, जबकि पुलिस और प्रशासन ई-रिक्शा चालकों की बेतरतीब पार्किंग और नियम उल्लंघन पर आंखें मूंदे बैठा है। टीम "हिंदुस्तान" की पड़ताल में यह सामने आया कि मंगलवार को शहर की अधिकांश सड़कों पर ई-रिक्शा चालकों की मनमानी जारी थी। ट्रैफिक कर्मी बेतरतीब खड़े ई-रिक्शा को रोकने की बजाय अनदेखी करते नजर आए। यह स्थिति तब है जब पिछले नवंबर में यातायात नियमों का पालन कराने के लिए पूरे एक माह तक अभियान चलाया गया था। सिर्फ गांव नहीं, शहर में भी लोग यातायात नियमों की परवाह नहीं क...