बाराबंकी, जनवरी 8 -- रामसनेहीघाट। तहसील मुख्यालय पर ई-स्टांप की बिक्री में खुलेआम अनियमितता सामने आने से प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए हैं। शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद ई-स्टांप विक्रेता निर्धारित मूल्य से अधिक रकम वसूलकर आम जनता का आर्थिक शोषण कर रहे हैं। हाल यह है कि 10 रुपये का ई-स्टांप 20 रुपये में, 20 रुपये का 35 रुपये में बेचा जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि यह पूरा खेल तहसील व उप निबंधक कार्यालय के ठीक सामने चल रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी अब तक ठोस कार्रवाई करते नजर नहीं आ रहे हैं, जिससे लोगों में भारी रोष व्याप्त है। शासन की मंशा आमजन को सुगमता से स्टांप उपलब्ध कराने की है। इसी उद्देश्य से तहसील व उप निबंधक कार्यालय के आसपास एक दर्जन से अधिक ई-स्टांप विक्रेताओं को लाइसेंस जारी किए गए हैं। नियमों के अनुसार विक्...