लखीसराय, नवम्बर 22 -- कजरा, एक संवाददाता। प्रत्येक माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि भगवान शिव को समर्पित होता है। इस शुभ अवसर पर प्रदोष व्रत मनाया जाता है। यह पर्व भगवान शिव और देवी मां पार्वती की पूजा की जाती है। साथ ही मनचाही मुराद पाने के लिए व्रत रखा जाता है। इस शुभ अवसर पर मंदिरों में देवों के देव महादेव की विशेष पूजा की जाती है। साथ ही पूजा के समय भगवान शिव का गंगाजल और दूध से जलाभिषेक किया जाता है। आचार्य अशोक पांडेय ने बताया कि वैदिक पंचांग के अनुसार अगहन माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 02 दिसंबर को दोपहर 03 बजकर 57 मिनट पर होगी। वहीं त्रयोदशी तिथि का समापन 03 दिसंबर को दोपहर 12 बजकर 25 मिनट पर होगा। त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा की जाती है। इसके लिए 02 दिसंबर को प्रदोष व्रत मनाया जाएगा।...
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