नई दिल्ली, फरवरी 23 -- सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा विशेष सुनवाई अदालत के जज के खिलाफ की गई आलोचनात्मक टिप्पणियां सोमवार को हटा दी। शीर्ष अदालत ने कहा कि जज पर 'बौद्धिक बेईमानी' का आरोप लगाने वाला 'जल्दबाजी में निकाला गया निष्कर्ष पूरी तरह से अनुचित' था। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ सोमवार को सुनवाई अदालत के विशेष न्यायाधीश द्वारा हाईकोर्ट के 17 दिसंबर, 2025 के उस आदेश के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई कर रही थी। सीजेआई ने आदेश में कहा कि हम इस बात से संतुष्ट हैं कि हाईकोर्ट की टिप्पणियां पूरी तरह से अनुचित, संदर्भ से परे और कानून के विपरीत हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित निर्णय को रद्द किया जाता है। पॉक्सो अधिनियम से संबंधित मामलों की सुनवाई करने वाली विशेष अदालत ने यौन उत्पीड़न के एक मामले में ...