मुजफ्फरपुर, जनवरी 15 -- मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। एक फरवरी से मध्याह्न भोजन का पायलट प्रोजेक्ट बंद होगा। मध्याह्न भोजन निदेशक ने इसका निर्देश दिया है। पायलट प्रोजेक्ट को बंद करने के पीछे की वजह भी बताई गई है। प्रोजेक्ट का मूल्यांकन कराया गया तो सामने आया कि 70 फीसदी हेडमास्टर अब भी इस कार्य में शामिल हैं, जबकि हेडमास्टर को इस कार्य से मुक्त रखने के लिए ही पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया था। अपर मुख्य सचिव के आदेश पर मई 2025 में चयनित स्कूलों में प्रधानाध्यापक-प्रधान शिक्षक के स्थान पर किसी अन्य नामित शिक्षक के माध्यम से मध्याह्न भोजन का संचालन कराने को लेकर पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया था। जब पायलट प्रोजेक्ट का मूल्यांकन कराया गया तो लगभग 70 प्रतिशत प्रधानाध्यापक किसी-न-किसी रूप में मध्याह्न भोजन के संचालन में शामिल मिले। प्रधानाध्यापक...