मोतिहारी, फरवरी 26 -- मधुबन। मधुबन के सभी विद्यालयों में चापाकल तो हैं। किंतु कुछ विद्यालयों में मानक के अनुकूल चापाकल नहीं हलाया गया है। इससे शुद्ध पानी बच्चों को नहीं मिलता है। प्राथमिक विद्यालय जितौरा उदू की एचएम अंजु आर बेगम ने बताया कि विद्यालय में चापाकल तो है। किेंतु उसका पानी पीने के लायक नहीं है। विद्यालय में समरसेबल नल भी नहीं लगा है। जबकि इस विद्यालय में बच्चों की संख्या 170 है। बच्चों को विद्यालय के बाहर जाकर दूसरे चापाकल का सहारा पानी पीने के लिए लेना पड़ता है। लोकसभा चुनाव के पूर्व मधुबन के बूथों वाले स्कूलों में सेरसेबल नल लगाया गया। इसमें कई स्कूलों के समरसेबल नल खराब पड़े हैं। विद्यालयों में बच्चों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए समरसेबल नल सरकारी स्तर पर चापाकलों के साथ अलग से बोरिंग कर लगाना था। किंतु समरसेबल पंप खराब ...
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