आजमगढ़, नवम्बर 27 -- आजमगढ़, संवाददाता। पढ़ाई करने के साथ परिषदीय स्कूलों के बच्चे अब मधुबनी और मंडला की कला भी सीख रहे हैं। नवाचार के तहत यह प्रयोग शुरू किया है जिले के महराजगंज के कंपोजिट विद्यालय देवारा तुर्कचारा की एक शिक्षिका ने। वे आईसीटी लैब और चित्रकला के माध्यम से बच्चों को भारतीय संस्कृति से रूबरू करा रही हैं। इस कला का उद्देश्य बच्चों में संवेदनशीलता, कल्पना शक्ति और सांस्कृतिक चेतना का पिकास करना है। कंपोजिट विद्यालय देवारा तुर्कचारा की शिक्षिका डॉ. अर्चना सिंह बच्चों को मधुबनी कला, मंडला आर्ट, वारली आर्ट, गोंड कला, कोहबर पेंटिंग आदि सिखाने में जुटी हैं। जिससे बच्चों में बौद्धिक, मानसिक और कल्पनाशील क्षमता का विकास हो सके। वह बताती हैं कि यूट्यूब वीडियो, दीक्षा एप, व्हाट्सएप ग्रुप, प्रोजेक्टर, ऑनलाइन सामग्री और डिजिटल बोर्ड के ...