मिर्जापुर, नवम्बर 15 -- मिर्जापुर। डीएम पवन कुमार गंगवार की अध्यक्षता में ''कर्मयोग, मद्य निषेध एवं विकसित भारत'' के सम्बन्ध में संगोष्ठी का आयोजन बीएचयू के बरकछा स्थित राजीव गांधी साउथ कैम्पस के न्यू व्याख्यान कक्ष में हुआ। डीएम ने कहाकि कर्म योग का अर्थ है फल की ईच्छा या परिणामों की चिन्ता किये बिना, अपने कर्तव्यों को समर्पण और ईमानदारी के साथ निभाना है। कर्मयोगी का तात्पर्य एक ऐसा व्यक्ति है, जो फल की इच्छा किए बिना निष्काम भाव से अपने कर्तव्यों को पूर्ण करता है। कर्मयोगी अपने सभी कार्यों को भगवान को समर्पित करता है और सांसारिक लाभ-हानि के प्रति समान भाव रखता है। वहीं विकसित भारत के संदर्भ में कहा कि 2047 तक भारत को आत्मनिर्भर, तकनीकी रूप से उन्नत, सामाजिक रूप से समानता वाला राष्ट्र बनाना है। जिसमें हर नागरिक के लिए बेहतर शिक्षा, स्वास...