वरिष्ठ संवाददाता, जनवरी 7 -- कक्षा 9-10 से लेकर दशमोत्तर तक छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति के आवेदक हर साल बढ़े हैं। दो साल में अल्पसंख्यक वर्ग के लाभार्थियों की संख्या में 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज है। मगर, मदरसे और मकतबों की संख्या कम हुई है। यूपी के मुरादाबाद में अब पंजीकृत मदरसों की संख्या साढ़े तीन सौ के करीब सिमट गई है। समाज कल्याण विभाग की ओर से अनुसूचित और सामान्य वर्ग, पिछड़ा कल्याण विभाग ओबीसी और अल्प संख्यक कल्याण विभाग की ओर से अल्पसंख्यक वर्ग के छात्रों को पढ़ाई के लिए शुल्क का प्रबंध किया जाना है। पूर्व दशम और दशमोत्तर कक्षाओं के लिए सालाना औसतन 3000 से 3600 रुपये तक की मदद सरकार करती है। साल 2023-24 में जनपद में 856 मकतब और मदरसे संचालित थे। शासन स्तर से इनकी मान्यता की जांच कराई गई तो करीब पांच सौ केंद्रों के संचालक पंजी...