दरभंगा, मई 17 -- सरकारी सहायता प्राप्त मदरसों में पढ़ा रहे शिक्षक डेढ़ साल से वेतन नहीं मिलने से आर्थिक तंगी झेल रहे हैं। इन शिक्षकों पर पसमांदा समाज के बच्चों को मुख्य धारा से जोड़ने की जिम्मेदारी है। वे उर्दू व अरबी के साथ हिंदी, गणित और विज्ञान की भी पढ़ाई कराते हैं। इसके बावजूद सरकार, मदरसा बोर्ड और शिक्षा विभाग इनकी लगातार उपेक्षा कर रहे हैं। शिक्षक शहाबुद्दीन ने बताया कि वेतन भुगतान को लेकर हमेशा अनिश्चितता बनी रहती है। कभी भी किसी आदेश के चलते महीनों तक वेतन रोक दिया जाता है। इससे न केवल शिक्षक, बल्कि उनका पूरा परिवार आर्थिक संकट में आ जाता है। कई शिक्षकों ने कहा कि विभाग से कोई भी आदेश आते ही सबसे पहले वेतन रोक दिया जाता है। करीब डेढ़ साल पहले मदरसा बोर्ड ने 205 कोटि के मदरसों की स्थिति जानने के लिए जांच का आदेश दिया था। जांच पूरी...
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