नई दिल्ली, जनवरी 7 -- सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को 48 मिनट की उस ऑडियो रिकॉर्डिंग की फोरेंसिक जांच का आदेश दिया, जिसे लेकर एक याचिका में आरोप लगाया गया कि यह लीक हुई क्लिप 2023 की जातीय हिंसा में मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह की भूमिका की ओर इशारा करती है। न्यायमूर्ति संजय कुमार और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की पीठ ने कहा कि लीक हुई पूरी ऑडियो को फोरेंसिक जांच के लिए नेशनल फोरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी (एनएफएसयू), गांधीनगर भेजा जाए। पीठ ने आदेश दिया कि 48 मिनट की पूरी कथित बातचीत के साथ-साथ मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री की स्वीकार की गई वॉयस रिकॉर्डिंग भी उपलब्ध है। याचिकाकर्ता के वकील द्वारा प्रतिवादियों को दी गई सभी वॉयस रिकॉर्डिंग को भी इसमें शामिल किया जाएगा और नेशनल फोरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी गांधीनगर भेजा जाएगा।उसने एनएफएसयू...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.