नई दिल्ली, दिसम्बर 16 -- चाय के साथ खस्ता मठरी खाने को मिल जाएं, तो मजा दोगुना हो जाता है। खासतौर से घर में बनी मठरी खाने में बड़ी स्वाद लगती हैं। एक डब्बा मठरी बनाकर स्टोर कर लो, बस फिर महीने भर की छुट्टी। लेकिन घर में बनी मठरी कई बाद उतनी खस्ता नहीं बनती, जितनी हलवाई वाली मठरी लगती हैं। अब सवाल है कि सब कुछ वैसा ही डालने के बाद भी वो स्वाद भला क्यों मिसिंग रहता है? दरअसल सिर्फ इंग्रीडिएंट्स सेम रखना काफी नहीं होता, बल्कि तरीका भी काफी मायने रखता है। उदाहरण के लिए मठरी का आटा नॉर्मल आटे से काफी अलग लगता है, अगर आप गलत तरीके से आटा लगाएंगी तो वो खस्ता और फ्लैकी टेक्सचर नहीं मिलेगा। तो चलिए जानते हैं खस्ता मठरी के लिए आटा कैसे लगाना है।मठरी के लिए अलग तरीके से लगता है आटा खस्ता मठरी बनाने के लिए उसका आटा सही तरीके से लगाना बहुत जरूरी है। म...
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