सिद्धार्थ, फरवरी 12 -- सिद्धार्थनगर, निज संवाददाता। जनपद के मझौली सागर को अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमि (रामसर साइट) के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रशासन ने कवायद तेज कर दिए हैं। डीएम शिवशरणप्पा जीएन ने सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. कविता शाह के सुझाव पर संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ मझौली सागर का स्थलीय निरीक्षण किया। डीएम के निरीक्षण दौरान प्रभागीय वन अधिकारी, अधिशासी अभियंता ड्रेनेज खंड (सिंचाई विभाग), पर्यटन विभाग, तहसीलदार नौगढ़ व सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. आशुतोष कुमार वर्मा उपस्थित रहे। डॉ. आशुतोष कुमार वर्मा ने बताया कि परियोजना के लिए प्रारंभिक अध्ययन पूर्ण कर लिया गया है, जिसमें 143 वनस्पति प्रजातियों और 30 पक्षी प्रजातियों का सूचीकरण किया गया है। अध्ययन के आधार पर मझौल...