भागलपुर, फरवरी 7 -- बिहपुर, संवाद सूत्र। बिहपुर प्रखंड के मिल्की गांव स्थित हजरत दाता मांगन शाह रहमतुल्लाह अलैह का दरबार आपसी सौहार्द और इंसानियत की मिसाल के रूप में जाना जाता है। यहां न कोई ऊंच है, न नीच, न अमीर गरीब का भेद और न ही धर्म या जाति का फर्क। इस दरबार में पहुंचते ही हर व्यक्ति केवल एक इंसान बन जाता है, जहां सिर झुकाने वालों की कतार में यह पहचान पाना मुश्किल हो जाता है कि कौन किस धर्म, पंथ या समाज से जुड़ा है। मिल्की पंचायत में स्थित मजार-ए-शरीफ पर सालाना उर्स के अवसर पर मेले का आयोजन किया गया है। शुक्रवार की रात उत्सव की शुरुआत परंपरागत सौहार्द की खुशबू के साथ हुई। वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुसार सबसे पहली चादर कायस्थ परिवार द्वारा चढ़ाई गई। इसके बाद दूसरी चादर बिहपुर के अंचलाधिकारी लवकुश कुमार ने चढ़ाई। फिर अन्य श्रद्धाल...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.