कुशीनगर, अगस्त 20 -- कुशीनगर। आज विश्व मच्छर दिवस है और इस साल का थीम है अधिक समतापूर्ण विश्व के लिए मलेरिया के विरूद्ध लड़ाई में तेजी लाना। तराई क्षेत्र में बसे कुशीनगर जिले के लिए मच्छरजनित बीमारियां हमेशा से एक बड़ी चुनौती रही हैं। बरसात और नमी की वजह से यहां डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और जापानी इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारियां पहले फैलती रही हैं। एक समय ऐसा था, जब यह इलाका जेई और एईएस जैसी गंभीर बीमारियों के लिए कुख्यात था, लेकिन अब तस्वीर बदलने लगी है। पिछले एक दशक में स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय निकायों के लगातार प्रयासों से मच्छरों पर काबू पाने की दिशा में बेहतर परिणाम देखने को मिल रहे हैं। इस साल के आंकड़ों पर गौर करें तो अब तक डेंगू के केवल 30 मरीज और मलेरिया के 10 मरीज सामने आए हैं। खास बात यह है कि ये सभी मरीज उपचार के बाद स्वस्थ हो ...
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