बेगुसराय, फरवरी 2 -- खोदावंदपुर, निज प्रतिनिधि। कमरी कैलेंडर वर्ष के आठवें महीने शाबान के चौदहवीं और पन्द्रहवीं तारीख के बीच मनाया जाने वाला व इस मौके पर इबादत के माध्यम से खुदा की खुश्नुदी हासिल करने वाली बेहतरीन रात शब-ए-बरात है। शब-ए-बरात अल्लाह की तरफ से दुनिया वालों पर एक इनाम है। यह कोई त्योहार या कोई रस्म नहीं है, जिसको मनाया जाये या मुबारकबाद दी जाये, बल्कि यह तो विशेष इबादत करने का एक खास रात है, जिसमें इबादत के माध्यम से गुनाहों से मग़फ़िरत और जहन्नुम की आग से पनाह मांगने की कोशिश की जाती है। ये बातें नुरूल्लाहपुर जामा मस्जिद के पूर्व इमाम मौलाना मोहम्मद मोइनुद्दीन साहब ने कहीं। उन्होंने बताया कि लेकिन मुसलमानों में इस रात को लेकर बहुत सारी कुरीतियों ने जन्म ले लिया है जो अल्लाह से और इबादत से दूर करने वाली हैं, उन तमाम बातों से ब...