चतरा, जनवरी 31 -- टंडवा, निज प्रतिनिधि। मगध कोल परियोजना में लगभग 50 मिलियन टन कोयला उत्पादन के बाद सीसीएल अब प्रभावित और विस्थापितों के विकास और मानवीय सुविधाओं पर फोकस कर रही है। बताया गया कि 428 हेक्टेयर जमीनों पर सीसीएल ने विस्थापितों के लिये शहर बनाने का फैसला लिया है । उस पर लगभग 100 करोड़ खर्च करने का प्लान महाप्रबंधक नृपेन्द्रनाथ ने बना लिया है। पहला फेज में आरा और चमातू के एक हजार से अधिक परिवारों को न्यू तिलैयाटांड और हुरहुरूआ में बसाने का निर्णय लिया गया है। जीएम के अनुसार इस सौ करोड़ से स्कूल, कॉलेज, स्टेडियम, मंदिर, सामुदायिक भवन, सरना स्थल, अस्पताल, रोड समेत अन्य बुनियादी संसाधनों पर खर्च होंगे। आगामी तीन से चार सालों में यह योजना धरा पर उतर आयेगी।
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