बेगुसराय, जनवरी 9 -- सिंघौल, निज संवाददाता। भारतीय मक्का अनुसंधान संस्थान के अंतर्गत क्षेत्रीय मक्का अनुसंधान एवं बीज उत्पादन केंद्र बेगूसराय में किशनगंज से आए किसान का तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रशिक्षण में वैज्ञानिक पद्धति अपनाकर किसान कैसे अधिक से अधिक उपज और लाभ प्राप्त कर सकते हैं, इसकी जानकारी दी गई। उपज के अलावा रोग कीड़ा निदान, मृदा स्वास्थ्य जांच, अच्छी मात्रा में समय पर खाद, जैविक रसायन और रासायनिक दवाई का छिड़काव की भी जानकारी दी गई। मक्का से कम लागत में विषम परिस्थिति में बिना मिट्टी का सहायता से पशु चारा के साथ-साथ मक्का अचार बनाने की तकनीक की भी जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि मक्का के दाने से बायोएथेनल उत्पादन होता है। इस वजह से मक्का का बाजार दर बढ़ा हुआ रहता है इससे किसानों को ज्यादा आमदनी हो सकती है...
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