नई दिल्ली, दिसम्बर 30 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को महाराष्ट्र संगठित अपराध रोकथाम अधिनियम (मकोका) के तहत आरोपी की ओर से दायर याचिका खारिज कर दी। याचिका में सलीम अहमद ने आरोप लगाया गया था कि न्यायिक हिरासत के दौरान पुलिस ने उससे जबरन कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए। न्यायमूर्ति हरीश वैद्यनाथ शंकर की अवकाशकालीन पीठ ने दिल्ली पुलिस और राज्य सरकार की दलीलों पर विचार के बाद याचिका में कोई दम नहीं पाया। सलीम अहमद को कथित गैंगस्टर हाशिम बाबा से जुड़े मामले में संगठित अपराध का हिस्सा होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। याचिकाकर्ता ने दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा के एसीपी, एक इंस्पेक्टर और राज्य सरकार को पक्षकार बनाते हुए दावा किया था कि जेल के भीतर बिना अनुमति और निर्धारित प्रक्रिया अपनाए हस्ताक्षर कराए गए। ...
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