बांदा, जनवरी 19 -- बांदा, संवाददाता। शहर में अपराधियों की निगहबानी के लिए लगाए गए सीसीटीवी कैमरों में लापरवाही के धूल की परता जमा है। ऐसे में यदि कोई वारदात होती है तो पुलिस के अधिकारियों को मकानों व प्रतिष्ठानों के बाहर लगे निजी कैमरों का सहारा लेना पड़ रहा है। शहर में प्रमुख चौराहों व सार्वजनिक स्थलों पर लगे अधिकांश सीसीटीवी कैमरे खराब हैं। इन्हें न तो कभी दुरुस्त कराया जाता है और न ही इनमें चढ़ी धूल की परत भी नहीं हटाई जाती है। कभी सीसीटीवी फुटेज खंगालने की बात आती है तो न तो अपराधी और न ही वाहनों के नंबरों की तस्वीर साफ दिखती है। सार्वजनिक स्थलों व प्रमुख चौराहों पर करीब पांच वर्ष पूर्व करीब तीन करोड़ रुपये खर्च कर हाईटेक सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए थे। ताकि शहर में कोई भी आपराधिक वारदात हो तो तुरंत अपराधियों को दबोचा जा सके। पुलिस लाइन म...
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