हापुड़, जनवरी 12 -- हर वर्ष 14 जनवरी को मनाया जाने वाला मकर संक्रांति का पर्व सनातन परंपरा में विशेष महत्व रखता है। परंतु इस बार एकादशी को लेकर दो तिथि सामने आ गई है। जिसको लेकर हापुड़ के एक मंदिर में ज्योतिषाचार्यों का महा मंथन हुआ। सभी ग्रहों की चाल आदि पर बहस के बाद 14 जनवरी को ही मनाए जाने का निर्णय लिया गया है। क्योंकि यह दिन केवल एक खगोलीय परिवर्तन तक सीमित नहीं है, बल्कि धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। वर्ष 2026 में मकर संक्रांति ऐसे समय पर पड़ रही है, जब सूर्यदेव के उत्तरायण होने के साथ कई शुभ संयोग बन रहे हैं। खरमास का समापन 14 जनवरी 2026 दिन बुधवार को अपरान्ह 3 बजकर 04 मिनट पर सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ होगा अतः 14 जनवरी को ही मकर संक्रांति पर्व मनाया जाएगा। भारतीय ज्योतिष कर्मकांड महास...