नवादा, जनवरी 14 -- नवादा, हिन्दुस्तान संवाददाता। मकर संक्रांति हिंदू धर्म के सबसे महत्वपूर्ण और वैज्ञानिक आधार वाले त्योहारों में से एक है। इस वर्ष भी मकर संक्रांति को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। मकर संक्रांति केवल एक पर्व नहीं, बल्कि आध्यात्मिक और ब्रह्मांडीय ऊर्जा के परिवर्तन का संगम है। मकर संक्रांति पर सूर्य का उत्तरायण होना सकारात्मकता और देव लोक का द्वार खोलता है। शहर के ज्योतिषाचार्य पंडित धर्मेंद्र झा बताते हैं कि मकर संक्रांति के दिन सूर्य देव धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं। इसी दिन से देवताओं का दिन शुरू होता है और उत्तरायण की अवधि प्रारंभ होती है। शास्त्रों में दक्षिणायन को नकारात्मकता और उत्तरायण को सकारात्मकता का प्रतीक माना गया है। यही कारण था कि महाभारत के युद्ध में भीष्म पितामह ने प्रा...