वाराणसी, अप्रैल 22 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। संकट मोचन संगीत समारोह के 102वें संस्करण में महताब अली नियाजी दूसरे ऐसे युवा कलाकार रहे जिन्होंने अपनी स्पष्ट छाप श्रोताओं पर छोड़ी। ख्याल अंग के वादन में चाहे राग बागेश्वरी की अवतारणा रही हो अथवा धमार अंग में झाला वादन रहा हो। दोनों में ही लयकारी की कलाकारी अलग ही स्तर पर महसूस की गई। यूएस से आए विवेक पाण्ड्या के अति विशिष्ट तबला के बाद महताब अली नियाजी ने अपने सितार वादन से इस उम्मीद को और भी पुख्ता कर दिया कि शास्त्रीय संगीत के आने वाले दिन भी बीते दिनों की तरह सुनहरे ही हैं। काफी थाट के इस राग में आलाप के दौरान आरोही अवरोही स्वरों के बीच का खेल बता रहा था कि मुरादाबाद के भिंडी बाजार घराना के युवा हस्ताक्षर ने हर सुर के छोटे से छोटे हिस्से को भी साधने के लिए घंटों पसीना बहाया है। कोमल गंध...
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