दुमका, फरवरी 20 -- जरमुंडी। बासुकीनाथ नगर पंचायत क्षेत्र में तकरीबन दौ सौ से अधिक टोटो चालक ई-रिक्शा चलाकर अपने परिवार के भरण-पोषण हेतु रोजाना रोजी रोजगार करते हैं। टोटो चालकों के लिए सबसे बड़ी समस्या है कि देशभर से रोजाना बासुकीनाथ मंदिर आनेवाले तीर्थयात्री व श्रद्धालुओं को मंदिर पहुंचाने के लिए कोई स्थायी रूट निर्धारित नहीं है। जिससे इन्हें अक्सर प्रशासन और पुलिस बलों का कोपभाजन बनना पड़ता है। विश्व प्रसिद्ध राजकीय श्रावणी मेला के दिनों में तो ई-रिक्शा चालकों को स्थानीय नागरिक होने के बावजूद सौतेला व्यवहार का सामना करना पड़ता है। श्रावणी मेला क्षेत्र में चारों ओर घेराबंदी रहने से इनके लिए रोजी रोजगार कर पाना काफी मुश्किलों से भरा होता है। बासुकीनाथ में रूट निर्धारण की मांग को लेकर ई-रिक्शा चालकों की समस्याओं को नजर अंदाज किया जाना इनके ...
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