गया, जनवरी 11 -- मंदिरों में जमा होने वाले फंड का इस्तेमाल शिक्षा पर करने की आवश्यकता है। अब सड़े हुए इतिहास के पन्नों को फाड़कर सच का सामना करना होगा। उक्त बातें राष्ट्रवादी प्रखर वक्ता पुष्पेंद्र कुलक्षेष्ठ ने भारत विकास परिषद के दो दिवसीय क्षेत्रीय कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान कहीं। बोधगया के एक निजी रिसोर्ट में आयोजित इस सम्मेलन में जैसे ही वह मंच पर संबोधन के लिए पहुंचे वंदे मातरम के नारों से हॉल गूंज उठा। पुष्पेंद्र ने कहा कि देश के अंदर छिपे दुश्मनों को पहचानना सीमा पर लड़ने से ज्यादा जरूरी है। सनातनी होना केवल पूजा-पाठ नहीं, बल्कि राष्ट्र की सुरक्षा के लिए सतर्क रहना है। उन्होंने कश्मीर से लेकर केरल तक और जनसांख्यिकी में हो रहे बदलावों पर कड़वे सच रखकर सबको सन्न कर दिया। बुके देने की आदत छोड़ तुलसी का पौधा देना सीखें पुष्पेंद्र ने कहा क...
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