बांका, फरवरी 10 -- बौंसी, निज संवाददाता। मंदार पर्वत 33 कोटि देवी देवताओं की निवास स्थली रही है लेकिन मुख्य रूप से भगवान शिव की आराधना का यह पर्वत मुख्य केंद्र रहा है। भगवान काशी विश्वनाथ पर्वत शिखर पर आज भी प्राण विराजमान है और यही वजह है कि मंदार पर्वत को शिव उपासक अपना महत्वपूर्ण स्थली मानते हैं शिखर पर विराजमान भगवान काशी विश्वनाथ मे आस्थावान श्रद्धालुओं की भीड़ सालो भर बनी रहती है यहां पर जल चढ़ाने वालों का तांता लगा रहता है। मंदार स्थित काशी विश्वनाथ, बासुकीनाथ धाम में नागेश्वर और देवघर में रावणेश्वर बैद्यनाथ के मध्य क्षेत्र को त्रिलिंग क्षेत्र कहा जाता है । मान्यता है कि इन तीनों शिवलिंगों पर श्रावण मास में गंगाजल चढ़ाने से जनम जनम का पाप कट जाता है । मंदार स्थित काशी विश्वनाथ की कथा है कि जब सती की इच्छा पर शिव ने अपने त्रिशूल पर ...
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