बांका, फरवरी 13 -- बौंसी, निज संवाददाता। पूर्व बिहार के प्रमुख ऐतिहासिक और धार्मिक पर्यटन स्थलों में शुमार मंदार पर्वत आज अपनी बदहाल सफाई व्यवस्था के कारण गंभीर संकट से जूझ रहा है। तराई से लेकर शिखर तक फैला प्लास्टिक कचरा, पोलीथीन, जूठे पत्तल, बोतलें और खाद्य पैकेट न केवल इसकी प्राकृतिक सुंदरता को निगल रहे हैं, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन और धार्मिक गरिमा पर भी गहरा आघात कर रहे हैं। प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु और सैलानी यहां पहुंचते हैं, लेकिन लौटते समय वे अपने पीछे कचरे का ऐसा निशान छोड़ जाते हैं जो इस पौराणिक धरोहर की पहचान को धीरे-धीरे ढकता जा रहा है। मंदार पर्वत केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि हिंदू, जैन और अन्य आस्थाओं का संगम है। समुद्र मंथन की पौराणिक कथा से जुड़ा यह पर्वत सदियों से श्रद्धा का केंद्र रहा है। शिखर पर स्थित प्राचीन मंदिर, ...
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