कुशीनगर, जनवरी 31 -- देवरिया, निज संवाददाता। प्रयागराज संगम तट पर हुए भगदड़ को याद कर बृजमोहन की रुह कांप जा रही हैं। मंजर याद करते ही उनके आंखों में आंसू आ जा रहे हैं। वहीं की स्थिति बताते-बताते अचानक वह चुप भी हो जा रहे हैं। फिर पत्नी व सास को याद करने के बाद उनकी आंखें भर आ रही है। पत्नी व सास के शव को लेकर पोखरभिंडा पहुंचे बृजमोहन ने बताया कि रात को वह सोए थे। अचानक भगदड़ हुई। अभी हम लोग कुछ समझ पाते, उसके पहले ही हम लोगों के ऊपर लोग चढ़ते गए। एक महिलाओं के ऊपर से 100 से अधिक लोग गुजर गए। हम भगदड़ में भागे और पत्नी व सास बिछड़ गई। इस बीच प्रशासन वहां से दोनों लोगों को लेकर अस्पताल चला गया, इसकी हमें जानकारी नहीं हो पाई और पूरा दिन हम तलाश करते रहे। वहां की स्थिति काफी खराब थी। प्रशासन ने जब उस स्थान को खाली कराया तो केवल लोगों के चप्प...
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