जमुई, अक्टूबर 24 -- झाझा । निज संवाददाता मंगीला हम वरदान हे गंगा मइया,छठी माई के करब हम वरतिया,काँच ही बाँस के बहंगिया। केलवा के पात पर उगेलन सुरुजदेव,पहिले पहिल हम कईनी छठ के बरतिया,पटना के घाट पर हमहूँ अरगिया देहब हे छठी मैया,कौने खेत जन्मल धान सुधान हो जैसे प्रसिद्ध छठ पूजा के गीत 30 से अधिक रेलवे स्टेशनों की उद्घोषणा प्रणालियों से गूंज रहे हैं। उक्त जानकारी पूमरे के सीपीआरओ ने देते हुए बताया कि यह न केवल यात्रियों के मन को छूने वाला अनुभव बन रहा है,बल्कि उन्हें बिहार की सोंधी संस्कृति से भी जोड़ रहा है। कहा,इस वर्ष भारतीय रेल ने छठ के इस अवसर को और भी खास बना दिया है। विशेषकर महिला यात्रियों को इन गीतों को गुनगुनाते हुए भी देखा जा सकता है। भारतीय रेल ने इस प्रकार का प्रयोग पहली बार किया है। उन्होंने बताया कि हर साल छठ पूजा के दौरान लाख...
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