नई दिल्ली, फरवरी 23 -- फाल्गुन शुक्ल पक्ष उदयकालिक षष्ठी तिथि 23 फरवरी 2026 दिन सोमवार को दिन में 12:30 बजे के बाद मंगल का गोचरीय दृष्टिकोण से परिवर्तन शनि की पहली राशि मकर से शनि की दूसरी राशि कुंभ में होगा। मंगल के कुंभ राशि में प्रवेश करते ही पंचग्रहीय योग का निर्माण होगा। एक मार्च 2025 को शुक्र का मीन राशि में गोचर होने तक यह पंचग्रहीय योग अपना प्रभाव स्थापित करेगा। मंगल सूर्य और राहु का संयोग बनेगा जो प्रबल अंगारक योग की श्रेणी में आएगा। 23 फरवरी से 1 मार्च 2026 तक सूर्य, बुध, मंगल शुक्र और राहु का योग कुंभ राशि में बनेगा। यद्यपि कि देवगुरु बृहस्पति की कुंभ राशि में दृष्टि होने से नकारात्मकता में थोड़ी कमी अवश्य आएगी फिर भी अकस्मात बड़े नकारात्मक परिवर्तन की स्थिति भी इस अवधि में बन सकती है।मेष राशि के इन लोगों के लिए लाभ के योग आर्थ...