नई दिल्ली, जनवरी 28 -- दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को उस याचिका पर सुनवाई की, जिसमें पहले से फ्रीज कराए गए मानव भ्रूणों को दान करने और अन्य बांझ जोड़ों द्वारा उन्हें गोद लेने पर 'ब्लेंकेट बैन' यानी पूरी तरह से रोक लगाने को चुनौती दी गई है। याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा। इस याचिका को डॉ.अनिरुद्ध नारायण मालपानी ने दायर किया है और उन्होंने भ्रूण गोद लेने को बच्चा गोद लेने जैसा बताते हुए इसे संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन बताया है। जिस पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस कारिया की बेंच ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया।याचिकाकर्ता बोला- यह रोक भेदभाव का कारण बन रही हाई कोर्ट में दायर याचिका में याचिकाकर्ता द्वारा असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (रेगुलेशन) एक्ट की धारा 25(2), ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.