नई दिल्ली, जनवरी 13 -- नई दिल्ली विशेष संवाददाता सुप्रीम कोर्ट की जज जस्टिस बीवी नागरत्ना ने मंगलवार को भ्रष्टाचार की बुराई को खत्म करने के लिए देश के युवाओं से अपील की कि वे अपने माता-पिता द्वारा भ्रष्ट तरीकों से कमाए गए काले धन को त्याग करें। उन्होंने कहा कि इस देश के युवाओं और बच्चों को अपने माता-पिता और अभिभावकों द्वारा आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक अर्जित धन का त्याग करना चाहिए, न कि उसके लाभार्थी बनना चाहिए। जस्टिस बीवी नागरत्ना ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 2018 की धारा 17ए की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर अपने अगल लिखे फैसले में यह टिप्पणी की है। इस मुद्दे पर जस्टिस नागरत्ना ने धारा 17ए को असंवैधानिक बताया और कहा कि इसे खत्म किया जाना चाहिए। जबकि फैसला सुनाने वाले पीठ ने धारा 17ए की संवैधानिक वैधता को वैध बताया और कहा...
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