भागलपुर, जुलाई 29 -- भागलपुर, प्रधान संवाददाता। सावन की तीसरी सोमवारी पर मंदिरों में भगवान भोलेनाथ के दर्शन और पूजा के लिए भक्तों का सैलाब दिखा तो नंदी महराज की कानों में बातें करती महिलाएं और युवतियां भी दिखीं। नंदी महराज में अपनी बातें कहने के लिए महिलाएं और युवतियां इंतजार करती दिखीं। दरअसल यह कोई रश्म नहीं बल्कि मान्यताओं के लिए भगवान भोलेनाथ से मनोकामनाएं पूरी करने के लिए अर्जी लगाने की पौराणिक परंपरा है जो आज भी दिखती है। सुबह के करीब 10 बजे हैं, शिवशक्ति मंदिर में कतारबद्ध होकर पूजा कर निकलीं इशाकचक की कविता नंदी महराज की कानों में बात कहती निकलीं। इनके बाद आदमपुर की ही अनिता राय और पूनम राय भी इसी परंपरा का निभाती आगे बढ़ीं। मंदिर के मुख्य महंत अरुण बाबा ने बताया कि शिव पुराणों में ये बातें कही गई है कि नंदी महराज भगवान भोलेनाथ के...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.