आरा, दिसम्बर 17 -- जिले के किसान इस साल एक तरफ प्रकृति तो दूसरी तरफ सिस्टम की मार झेल रहे भोजपुर जिले के किसान इस साल एक तरफ प्रकृति तो दूसरी तरफ सिस्टम की मार झेल रहे हैं। बाढ़ और अतिवृष्टि बारिश से धान की फसल मारी गई है। इस कारण धान खखरी हो गया है। उत्पादन भी कम हुआ है। किसान जब अपनी जरूरतों को पूरी करने के लिए क्रय केंद्रों पर बेचने जा रहे हैं तो वहां धान में खखरी और अधिक नमी का हवाला देकर या तो लौटा दिया जा रहा है अथवा निर्धारित नमी होने तक इंतजार करने के लिए कहा जा रहा है। व्यापारी औने-पौने दाम में खरीद करने की बात कह रहे हैं। किसान वाजिब कीमत से कम में धान बेचने को मजबूर हैं। जिनका धान बिक गया है, उन्हें समय से भुगतान भी नहीं मिल रहा है। आपके अपने प्रिय अखबार हिन्दुस्तान के प्रतिनिधियों ने भोजपुर के विभिन्न क्रय केंद्रों पर मंगलवार ...
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