सहरसा, दिसम्बर 3 -- महिषी एक संवाददाता । जहां एकओर सरकार ने हरेक घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किया। वहीं दूसरी ओर स्कूल में शुद्ध पेयजल की सुविधा नहीं रहने के कारण भेलाही पंचायत के उर्दू प्राथमिक कन्या विद्यालय के बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इतना ही नहीं स्कूल तक पहुंचने के लिए एक अदद अच्छी सड़क तक बच्चों को नसीब नहीं हुआ है। सूत्रों के अनुसार इस स्कूल में करीब 214 बच्चे नामांकित है, जिसमें करीब 110 बच्चे नियमित स्कूल आते हैं। बच्चों को पढ़ाने के लिए स्कूल में हेडमास्टर सहित शिक्षक भी मौजूद हैं। स्कूल को आवश्यकता के अनुरूप जमीन भी उपलब्ध है। स्कूल में 5 कमरा, शौचालय, चहारदीवारी तो है, लेकिन बच्चों को स्कूल अवधि में पीने के पानी के लिए महज एक चापाकल ही मौजूद है। स्थानीय अभिभावकों का कहना कि सरकार द्वा...